Monday, 18 July 2011

दुआ दिल की....


आँखों  में  आंसू  सजा  ही  लेंगे ..
खुद  को  चिरागों  की  तरह  जला  ही  लेंगे ..




तुमसे  बिछड़  के  कभी  खुस  रह  नहीं  सकते ..
पर  दुनिया  की  खातिर  हम  मुस्कुरा  लेंगे ..

आज  फिर  अँधेरा  हो  गया , तुम  मिल  न  सकी ..
उम्मीदों  से  दिल  को  आज  बहला  लेंगे ..

वादे  तोड़  तोड़  कर  मुस्कुराते  हो  तुम ..
देखना  एक  दिन  तुम  भी  पछता  ही  लेंगे ..

ये  लहू  तेरे  यादों  में  इतना  बहेगा  एक  दिन ..
फूल  हाथों  में  होंगे  और  आंसू  भी  निकलेंगे ..

मुद्दतों  कर  लिया  आपका  इंतज़ार  सनम ..
उम्र  कट  ही  गयी  अब  हम  न  मिलेंगे ..

2 comments:

  1. बहुत पसन्द आया
    हमें भी पढवाने के लिये हार्दिक धन्यवाद
    बहुत देर से पहुँच पाया ....हूँ.

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labon ko thirakane do jara...