
बता ऐ ज़िन्दगी तेरे अरमान क्या हैं ..?
एक हसरत थी की मुझे किसी का प्यार मिले..
मैंने बहुत तलाशा की कहीं कोई बहार मिले ..
शायद किसी ख्वाब में ही कोई जान पढ़ जाये..
बता ऐ ज़िन्दगी तेरे अरमान क्या हैं ..?
तकदीर जो बनाई हर बार उजड़ गई है ..
जिंदगी की हर पत्ती गुलाब की तरह बिखर गई है ..
अब जिंदगी की हर पत्ती भी बटोरनी पड़ेगी क्या .?
बता ऐ ज़िन्दगी तेरे अरमान क्या हैं ..?
मेरे जज्बातों से दौलत भी खेल चुकी है ..
ये दुनिया मुझे यूँ ही बर्बाद कर चुकी है .
हम को बता दे जिन्दगी तेरे जो बयां हैं ..
बता ऐ ज़िन्दगी तेरे अरमान क्या हैं ..?
चाहे जो इन्सान तो तकदीर बदल भी बदल देगा ..
सारे संसार की तस्वीर भी बदल देगा ..
इरादों को एक बार परवान होने दें ..
बता ऐ ज़िन्दगी तेरे अरमान क्या हैं ..?
एक हसरत थी की मुझे किसी का प्यार मिले..
मैंने बहुत तलाशा की कहीं कोई बहार मिले ..
शायद किसी ख्वाब में ही कोई जान बन जाये..
बता ऐ ज़िन्दगी तेरे अरमान क्या हैं ..?
हर रंग को आपने बहुत ही सुन्दर शब्दों में पिरोया है, बेहतरीन प्रस्तुति ।
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